बचपन में खो दी दोनों आंखें, कभी स्कूल नहीं गए, आज चलाते हैं खुद का बिजनेस

एक ऐसा दृष्टिहीन शख्स जिसे दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता लेकिन प्रतिभा ऐसी की हाथ में लेते ही कर लेते है नोट की पहचान. 55 साल के शंकरलाल दोनों आंखों को गंवाने के बावजूद भी दुकान चलाते हैं. देखिए ख़बर

बचपन में खो दी दोनों आंखें, कभी स्कूल नहीं गए, आज चलाते हैं खुद का बिजनेस
एक ऐसा दृष्टिहीन शख्स जिसे दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता लेकिन प्रतिभा ऐसी की हाथ में लेते ही कर लेते है नोट की पहचान. 55 साल के शंकरलाल दोनों आंखों को गंवाने के बावजूद भी दुकान चलाते हैं. देखिए ख़बर